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Wednesday, 6 September 2017

पिता का बेटे के नाम वसीयत या नसीहत father

.            *"वसीयत और नसीहत"*

एक दौलतमंद इंसान ने अपने बेटे को वसीयत देते हुए कहा,

*"बेटा मेरे मरने के बाद मेरे पैरों में ये फटे हुऐ मोज़े (जुराबें) पहना देना, मेरी यह इक्छा जरूर पूरी करना ।*

पिता के मरते ही नहलाने के बाद, बेटे ने पंडितजी से पिता की आखरी इक्छा बताई ।

*पंडितजी ने कहा: हमारे धर्म में कुछ भी पहनाने की इज़ाज़त नही है।*

पर बेटे की ज़िद थी कि पिता की आखरी इक्छ पूरी हो ।

बहस इतनी बढ़ गई की शहर के पंडितों को जमा किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला ।

*इसी माहौल में एक व्यक्ति आया, और आकर बेटे के हाथ में पिता का लिखा हुआ खत दिया, जिस में पिता की नसीहत लिखी थी*

_*"मेरे प्यारे बेटे"*_

*देख रहे हो..? दौलत, बंगला, गाड़ी और बड़ी-बड़ी फैक्ट्री और फॉर्म हाउस के बाद भी, मैं एक फटा हुआ मोजा तक नहीं ले जा सकता ।*

*एक रोज़ तुम्हें भी मृत्यु आएगी, आगाह हो जाओ, तुम्हें भी एक सफ़ेद कपडे में ही जाना पड़ेगा ।*

*लिहाज़ा कोशिश करना,पैसों के लिए किसी को दुःख मत देना, ग़लत तरीक़े से पैसा ना कमाना, धन को धर्म के कार्य में ही लगाना ।*

*सबको यह जानने का हक है कि शरीर छूटने के बाद सिर्फ कर्म ही साथ जाएंगे"। लेकिन फिर भी आदमी तब तक धन के पीछे भागता रहता है जब तक उसका निधन नहीं हो जाता।*

*👉 1) जो आपसे दिल से बात करता है उसे कभी दिमाग से जवाब मत देना।*

*👉 2) एक साल मे 50 मित्र बनाना आम बात है। 50 साल तक एक मित्र से मित्रता निभाना खास बात है।*

*👉 3) एक वक्त था जब हम सोचते थे कि हमारा भी वक्त आएगा और एक ये वक्त है कि हम सोचते हैं कि वो भी क्या वक्त था।*

*👉 4) एक मिनट मे जिन्दगी नहीं बदलती पर एक मिनट सोच कर लिखा फैसला पूरी जिन्दगी बदल देता है।*

*👉 5) आप जीवन में कितने भी ऊॅचे क्यों न उठ जाएं, पर अपनी गरीबी और कठिनाई को कभी मत भूलिए।*

*👉 6) वाणी में भी अजीब शक्ति होती है। कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता और मीठा बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती है।*

*👉 7) जीवन में सबसे बड़ी खुशी उस काम को करने में है जिसे लोग कहते हैं कि तुम नही कर सकते हो।*

*👉 8) इंसान एक दुकान है और जुबान उसका ताला। ताला खुलता है, तभी मालूम होता है कि दुकान सोने की है या कोयले की।*

*👉 9) कामयाब होने के लिए जिन्दगी में कुछ ऐसा काम करो कि लोग आपका नाम Face book पे नही Google पे सर्च करें।*

*👉 10) दुनिया विरोध करे तुम डरो मत, क्योंकि जिस पेङ पर फल लगते है दुनिया उसे ही पत्थर मारती है।*

*👉 11) जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर है। मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी।*

*👉 12) दुनिया की सबसे सस्ती चीज है सलाह, एक से मांगो हजारो से मिलती है। सहयोग हजारों से मांगो एक से मिलता है।*

*👉 13) मैने धन से कहा कि तुम एक कागज के टुकड़े हो। धन मुस्कराया और बोला बिल्कुल मैं एक कागज का टुकड़ा हूँ, लेकिन मैने आज तक जिंदगी में कूड़ेदान का मुंह नहीं देखा।*

*👉 14) आंधियों ने लाख बढ़ाया हौसला धूल का, दो बूंद बारिश ने औकात बता दी।*

*👉 15) जब एक रोटी के चार टुकड़े हों और खाने वाले पांच हों, तब मुझे भूख नहीं है, ऐसा कहने वाला कौन है.? सिर्फ "माँ"।*

*👉 16) जब लोग आपकी नकल करने लगें तो समझ लेना चाहिए कि आप जीवन में सफल हो रहे हैं।*

*👉 17) मत फेंक पत्थर पानी में, उसे भी कोई पीता है।*
*मत रहो यूं उदास जिन्दगी में, तुम्हें देखकर भी कोई जीता है।।।
अच्छा लगे तो औरों को भी लिंक भेजें

Saturday, 15 July 2017

आज भी धरती पर भगवान हैं सिद्ध करता हूँ the god is earth

::::::::::~:::::::::×:::::::::~::::::::::
आइये  आपको
     *"धरती पर भगवान हैं*
प्रमाणिकता सिद्ध किये गये लोगो के अनुभव  देखे व परखे  :-
::::::::::~:::::::::×:::::::::~::::::::::

१. *"अमरनाथजी"* में शिवलिंग अपने आप बनता है।

२. *"माँ ज्वालामुखी"* में
हमेशा ज्वाला निकलती है।

३. *"मैहर माता मंदिर"* में रात को आल्हा अब भी आते हैं।

४. सीमा पर स्थित *"तनोट माता मंदिर"* में 3000 बम में से एक का भी ना फूटना।

५. इतने बड़े हादसे के बाद भी *"केदारनाथ मंदिर"* का बाल ना बांका होना।

६. पूरी दुनियां मैं आज भी सिर्फ *"रामसेतु के पत्थर"* पानी में तैरते हैं।

७. *"रामेश्वरम धाम"* में सागर का कभी उफान न मारना।

८. *"पुरी के मंदिर"* के ऊपर से किसी पक्षी या विमान का न निकलना।

९. *"पुरी मंदिर" की पताका हमेशा हवा के विपरीत* दिशा में उड़ना।

१०. *उज्जैन में "भैरोंनाथ" का मदिरा पीना।*

११. *गंगा और नर्मदा माँ (नदी) के पानी का कभी खराब* न होना।

१२,  *श्री राम नाम धन संग्रह बैंक में संग्रहीत इकतालीस अरब राम नाम मंत्र पूरित ग्रंथों को (कागज होने पर भी) चूहों द्वारा नहीं काटा जान। जबकि अनेक चूहे अंदर घुमते रहते हॆं।

13* कैलाश मानसरोवर पर रात में शक्तिपुंज दिखना मगर कैमरे में गायब रहना

13, *चितोडगढ मे बाणमाताजी के मंदिर मे आरती के समय* त्रिशूल का हिलना।।


Wednesday, 19 April 2017

आपकी जिंदगी बदलने वाली चार लाइन

*_VERY NICE LINE_*
*_JARUR PADHE_*
🌹💕💞❤❣🏡💝

🌹एक दिन चिड़िया बोली - मुझे छोड़ कर कभी उड़ तो नहीं जाओगे❣

🌹चिड़ा ने कहा - उड़
जाऊं तो तुम पकड़ लेना.❣

🌹चिड़िया-मैं तुम्हें पकड़
तो सकती हूँ,
पर फिर पा तो नहीं सकती...❣

🌹यह सुन चिड़े की आँखों में आंसू आ गए और उसने अपने पंख तोड़ दिए और बोला अब हम
हमेशा साथ रहेंगे,❣

🌹लेकिन एक दिन जोर से तूफान आया,
चिड़िया उड़ने लगी तभी चिड़ा बोला तुम उड़
जाओ मैं नहीं उड़ सकता..❣

🌹चिड़िया- अच्छा अपना ख्याल रखना, कहकर
उड़ गई !❣

🌹जब तूफान थमा और चिड़िया वापस
आई तो उसने देखा की चिड़ा मर चुका था❣
❣और एक डाली पर लिखा था...❣

✍काश तुम एक बार तो कहती कि मैं तुम्हें नहीं छोड़ सकती""❣
🌹तो शायद मैं तूफ़ान आने से
पहले नहीं मरता❣
""
ज़िन्दगी के पाँच सच ~
सच नं. 1 -:🌹
माँ के सिवा कोई वफादार नही हो सकता…!!!❣
────────────────────────
सच नं. 2 -:🌹
गरीब का कोई दोस्त नही हो सकता…!!❣
────────────────────────
सच नं. 3 -:🌹
आज भी लोग अच्छी सोच को नही,
अच्छी सूरत को तरजीह देते हैं…!!!❣
────────────────────────
सच नं. 4 -:🌹
इज्जत सिर्फ पैसे की है, इंसान की नही…!!!❣
────────────────────────
सच न. 5 -:🌹
जिस शख्स को अपना खास समझो….
अधिकतर वही शख्स दुख दर्द देता है…❣

🌹❣❣🌹
 गीता में लिखा है कि.......

✍अगर कोई इन्सान
बहुत हंसता है , तो अंदर से वो बहुत अकेला है❣

🌹अगर कोई इन्सान बहुत सोता है , तो अंदर से
वो बहुत उदास है❣

✍अगर कोई इन्सान खुद को बहुत मजबूत दिखाता है और रोता नही , तो वो
अंदर से बहुत कमजोर है❣

✍अगर कोई जरा जरा सी
बात पर रो देता है तो वो बहुत मासूम और नाजुक दिल का है❣

✍अगर कोई हर बात पर
नाराज़ हो जाता है तो वो अंदर से बहुत अकेला
और जिन्दगी में प्यार की कमी महसूस करता है❣

🌹लोगों को समझने की कोशिश कीजिये ,जिन्दगी किसी का इंतज़ार नही करती ,❣
❣लोगों को एहसास कराइए की वो आप के लिए कितने खास है सर...❣

1🌹. अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो,,, तरीके बदलो....., ईरादे नही..❣

2🌹. जब सड़क पर बारात नाच रही हो तो हॉर्न मार-मार के परेशान ना हो...... गाडी से उतरकर थोड़ा नाच लें..., मन शान्त होगा।
टाइम तो उतना लगना ही है..❣

3🌹. इस कलयुग में रूपया चाहे कितना भी गिर जाए, इतना कभी नहीं गिर पायेगा, जितना रूपये के लिए इंसान गिर चूका है...❣

🌹❣सत्य वचन❣🌹

4🌹. रास्ते में अगर मंदिर देखो तो,,, प्रार्थना नहीं करो तो चलेगा . . पर रास्ते में एम्बुलेंस मिले तब प्रार्थना जरूर करना,,, शायद कोई
जिन्दगी बच जाये.....❣

5🌹. जिसके पास उम्मीद हैं, वो लाख बार हार के भी, नही हार सकता..❣

6🌹. बादाम खाने से उतनी अक्ल नहीं आती...
जितनी धोखा खाने से आती है...❣

7🌹. एक बहुत अच्छी बात जो जिन्दगी भर याद रखिये,,, आप का खुश रहना ही आप का बुरा चाहने वालों के लिए सबसे बड़ी सजा है....❣

8🌹. खुबसूरत लोग हमेशा अच्छे नहीं होते, अच्छे लोग हमेशा खूबसूरत नहीं होते...❣

9🌹. रिश्ते और रास्ते एक ही सिक्के के दो पहलु हैं... कभी रिश्ते निभाते निभाते रास्ते खो जाते हैं,,, और कभी रास्तो पर चलते चलते रिश्ते बन जाते हैं...❣

10🌹. बेहतरीन इंसान अपनी मीठी जुबान से ही जाना जाता है,,,, वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है...❣

11🌹. दुनिया में कोई काम "impossible" नहीं,,, बस होसला और मेहनत की जरूरत है...❣

12 🌹.प्यार,,, जीन्दगी मे उससे करो जौ आपसे प्यार करता हौ,,,,ना की उससे जीससे आप... 🌷
🌷 अपने सभी दोस्तो को लिंक
सेन्ड करे वरना ,🌷
🌷 🌷ये मेसेज आपके लिये फिजूल ह🌷🌷
🌷By- ajayyadavgk🌷🌷🌷

Saturday, 15 April 2017

हर काम करने से पहले सोचे जरुर यह कहानी देखिये


एक युवक ने विवाह के दो साल बाद
परदेस जाकर व्यापार करने की
इच्छा पिता से कही ।

पिता ने स्वीकृति दी तो वह अपनी गर्भवती पत्नी को माँ-बाप के जिम्मे छोड़कर व्यापार करने चला गया ।

परदेश में मेहनत से बहुत धन कमाया और वह धनी सेठ बन गया ।

सत्रह वर्ष धन कमाने में बीत गए तो सन्तुष्टि हुई और वापस घर लौटने की इच्छा हुई ।

पत्नी को पत्र लिखकर आने की सूचना दी और जहाज में बैठ गया ।
उसे जहाज में एक व्यक्ति मिला जो दुखी मन से बैठा था ।

सेठ ने उसकी उदासी का कारण पूछा तो उसने बताया कि इस देश में ज्ञान की कोई कद्र नही है ।

मैं यहाँ ज्ञान के सूत्र बेचने आया था पर कोई लेने को तैयार नहीं है ।
सेठ ने सोचा ‘इस देश में मैने बहुत धन कमाया है,और यह मेरी कर्मभूमि है, इसका मान रखना चाहिए !’

उसने ज्ञान के सूत्र खरीदने की इच्छा जताई ।

उस व्यक्ति ने कहा-
मेरे हर ज्ञान सूत्र की कीमत 500 स्वर्ण मुद्राएं है ।

सेठ को सौदा तो महंगा लग रहा था..
लेकिन कर्मभूमि का मान रखने के लिए 500 स्वर्ण मुद्राएं दे दी ।

व्यक्ति ने ज्ञान का पहला सूत्र दिया-
कोई भी कार्य करने से पहले दो मिनट
रूककर सोच लेना ।

सेठ ने सूत्र अपनी किताब में लिख लिया ।

कई दिनों की यात्रा के बाद रात्रि के समय सेठ अपने नगर को पहुँचा ।

उसने सोचा इतने सालों बाद घर लौटा हूँ तो क्यों न चुपके से बिना खबर दिए सीधे पत्नी के पास पहुँच कर उसे आश्चर्य उपहार दूँ ।

घर के द्वारपालों को मौन रहने का इशारा करके सीधे अपने पत्नी के कक्ष में गया तो वहाँ का नजारा देखकर उसके पांवों के नीचे की जमीन खिसक गई ।

पलंग पर उसकी पत्नी के पास एक
युवक सोया हुआ था ।

अत्यंत क्रोध में सोचने लगा कि
मैं परदेस में भी इसकी चिंता करता रहा और ये यहां अन्य पुरुष के साथ है । दोनों को जिन्दा नही छोड़ूगाँ ।
क्रोध में तलवार निकाल ली ।

वार करने ही जा रहा था कि उतने में ही उसे 500 स्वर्ण मुद्राओं से प्राप्त ज्ञान सूत्र याद आया- कि कोई भी कार्य करने से पहले दो मिनट सोच लेना ।

सोचने के लिए रूका ।

तलवार पीछे खींची तो एक बर्तन से टकरा गई ।

बर्तन गिरा तो पत्नी की नींद खुल गई।

जैसे ही उसकी नजर अपने पति पर पड़ी वह ख़ुश हो गई और बोली:  आपके बिना जीवन सूना सूना था ।
इन्तजार में इतने वर्ष कैसे निकाले
यह मैं ही जानती हूँ ।

सेठ तो पलंग पर सोए पुरुष को
देखकर कुपित था ।

पत्नी ने युवक को उठाने के लिए कहा- बेटा जाग ।

तेरे पिता आए हैं ।

युवक उठकर जैसे ही पिता को प्रणाम
करने झुका माथे की पगड़ी गिर गई ।
उसके लम्बे बाल बिखर गए ।

सेठ की पत्नी ने कहा- स्वामी ये आपकी बेटी है ।

पिता के बिना इसके मान को कोई आंच न आए इसलिए मैंने इसे बचपन से ही पुत्र के समान ही पालन पोषण और संस्कार दिए हैं ।

यह सुनकर सेठ की आँखों से
अश्रुधारा बह निकली ।

पत्नी और बेटी को गले लगाकर
सोचने लगा कि यदि आज मैने उस ज्ञानसूत्र को नहीं अपनाया होता तो जल्दबाजी में कितना अनर्थ हो जाता ।

मेरे ही हाथों मेरा निर्दोष परिवार खत्म हो जाता ।

ज्ञान का यह सूत्र उस दिन तो मुझे महंगा लग रहा था लेकिन ऐसे सूत्र के लिए तो 500 स्वर्ण मुद्राएं बहुत कम हैं ।

‘ज्ञान तो अनमोल है ‘

इस कहानी का सार यह है कि
जीवन के दो मिनट जो दुःखों से बचाकर सुख की बरसात कर सकते हैं.

वे हैं – ‘क्रोध के दो मिनट’

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क्योंकि आपका एक शेयर किसी व्यक्ति को उसके क्रोध पर अंकुश रखने के लिए  प्रेरित कर सक

Sunday, 5 March 2017

यदुवंश का रहस्य (इतिहास) story yadav


आज जो बाते आपको बताने वाला हु वो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ।

कुछ लोग हमारे इतिहास से खिलवाड़ करके खुद को यदुवंश से जोड़नेका प्रयास कर रहे है वो तरह तरह की अफवाह फ़ेला रहे है इसके लिए अनेको तर्क देते है आज मै उनका सच आपको बताने जा रहा हु
1 कुछ लोग तर्क देते है कि वासुदेव (राजपूत)और नंदबाबा (यादव\अहीर) अलग अलग अलग जाति से थे जबकि सच ये है की दोनों क्षत्रिय यादव थे ।जबकि राजपूत शब्द तो 12वी शताब्दी तक कही भीअस्तित्व में ही नही था।
क्षत्रियों का प्रधान वंश यादव वंश है...यादव-कुल की एक अति-पवित्र शाखा ग्वालवंश है जिसका प्रतिनिधित्व नन्द बाबा करते थे .. .. बहुत से अज्ञानी दोनों को अलग -अलग वंश का बताते हैं....मूर्खों को ये मालूम नहीं की नन्द बाबा और कृष्ण के पिता वासुदेव रिश्ते में भाई थे जिसे हरिवंश पुराण में पूर्णतः स्पष्ट किया गया है....
भागवत पुराण में भी इस बात का जिक्र है.....ठीक इसी प्रकार वासुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी (बलराम जी की माता ) और माता यशोदा सगी बहने थी ।
ग्वालवंश में ही समस्त यादवों की कुल-देवी माँ विंध्यवासिनी देवी ने जन्म लिया था..
भागवत पुराण के अनुसार तो भगवान् श्रीकृष्ण के गोकुल प्रवास के दौरान सभी देवी-देवताओं ने ग्वालों के रूप में अंशावतार लिया था...
इसीलिए ग्वालवंशको अति-पवित्र माना जाता है।
2 कुछ महामूर्ख यादव और अहीर को भी अलग बताते है..अहि का अर्थ संस्कृत में सर्प होता है और अहीर का मतलब सर्प दमन होता है...ऋग वेद में राजा यदु का वर्णन है..इसीलिए उनके वंशज यादव-वैदिक क्षत्रिय है...ऋग वेद में महाराज यदु को वन में एकसांप को मारने की वजह से 'अहीर' की संज्ञा दी गयी है..बाद में कालिया नाग के दमन के पश्चात् श्रीकृष्ण को भी अहीर कहा गया .अहीर का अर्थ निर्भय भी होता है .
3 हरियाणा राज्य का नाम भी अहीरों के नाम पर पड़ा है पहले इसको अभिरयाणा बोला जाता था समय के साथ भाषा के बदलाव के कारण अहिराना - हीराना -हरियाणा हो गया ।
4 आज कल कुछ मुर्ख लोग बोल रही है श्री कृष्ण राजपूत है और ये खुद को यदुवंश से जोड़ने लगे इसके लिए तर्क देते है कि मथुरा Vrindavan और काफी जगह कृष्ण जी के साथ "ठाकुर" शब्द प्रयोग होता है इसलिए वो राजपूत है उन महामुर्खो को बता दू कि ठाकुर एक उपाधि है जिसका अर्थ होता है पालन करता ( जो गरीब और असहाय लोगो की सहयाता करता हो ) ये ठाकूर शब्द इसलिए ही प्रयोग होता है । और ठाकुर शब्द ठीक उसी प्रकार की उपाधि है जेसे चौधरी राव नम्बरदार मुखिया etc. ठाकुर मध्यप्रदेश में हरिजन जाती और up में नाई जाती भी प्रयोग करती है । वैसे भी महाभारत में साफ साफ लिखा कृष्ण जी यादव थे ।
5 आमतोर पर कहा जाता है कि कृष्ण जी ने 16000 शादिय की थी मगर सच ये है की प्राग्ज्योतिष के राजा नरकासुर ने 16000 राज कन्याओ को कैद कर रखा था श्री कृष्ण ने इस राक्षस को मारकर इन राजकन्याओ को आजाद करवाया और उनको समाजिक सुरक्षा देने के लिए आज के नारी निकेतन की तरह उनके रहने का प्रबध किया था । ये बात विष्णु पुराण और महाभारत में प्रमाणित है ।
6 तर्क दिया जाता है कि गंधारी के श्राप के कारण श्री कृष्ण के शरीर त्याग (सरस्वती नदी के तट पर) के बाद सारे यादव मर गये थे परन्तु आज भी भारत देश में यादव सबसे बड़ी जाति के रूप में मोजूद है हां श्री कृष्ण के बाद यादवी संघर्ष हुए थे (सोमनाथ के करीब) लेकिन उनमे कुछ मुर्ख यादव राजा मारे गये थे वहा आज भी 110 में से 88 गाव मोजूद है जो बादलपुरा अहीर से तलाला तक फेले है ।
7 कई जगह लिखा गया है कि समुद्र में मूसल चूर्ण डालने के कारण पटेरा(एक पणियर घास ) बना जिसकी मार से सारे यादव मारे गये थे लेकिन समुद्र किनारे प्रभास क्षेत्र मोजूद है और यादव भी मोजूद है तो फिर ये घास आज तलवार बनकर यादवों को क्यों नही मार रही..??
और जब मथुरा उत्तरप्रदेश से कृष्ण जगतगुरुम् हरीयाणा गुजरात गये साथ यादव सेना भी साथ चलने लगी गुजरात मे जहा जगह मिली वहा कृष्ण जी की यादव सेना रहने लगी तब प्रदेश से जाने जाते थे राजकोट मोरबी कच्छ प्रदेश मच्छु से जाना जाता था तब मच्छो यादव कहलाता और सोरठ मे रुके वो सोरठ के यादव पंचाल मे रुके वो पंच जन्म पंचोली यादव लेकीन हम तो कृष्ण के वंशज ऐक ही है हम क्यु पुरानि बातो का ठेका लेकर चलते है अभी भी तब हमारे बुजुर्गो जिन प्रदेश मे रहते थे वहा के यादव कहते थे मगर वो यादव नहि की हम अलग अलग है मगर उनका भी कारन है ये इस समय के व्यापारी मनुवादी सोच ने हमे पुरे भारत वर्ष मे जुदा करने का प्लान बनाया था क्यु की हिंदुस्तान मे सब से आबादी कृष्ण वंश यदुविरो की थी उनको पता था की ऐक समय वो हमारे पर राज करेंगे तब ही उस ने हमारे बिना पढे लीखे बुजुर्गो को जात मे बटवारे करवा दीये अब संभल ने का समय आ गया पुरे भा